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DGCA Report 2026: घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की बादशाहत कायम, अकासा की तेज उड़ान

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DGCA की 2026 की पहली छमाही की रिपोर्ट में इंडिगो ने घरेलू विमानन बाजार में अपनी मजबूत बढ़त बरकरार रखी है। एयर इंडिया दूसरे स्थान पर रही, जबकि अकासा एयर ने भी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई।

नई दिल्ली। देश के घरेलू विमानन क्षेत्र में इंडिगो का दबदबा लगातार मजबूत होता जा रहा है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की वर्ष 2026 की पहली छमाही की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से जून के बीच 8.64 करोड़ यात्रियों ने घरेलू उड़ानों से सफर किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.4 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान इंडिगो सबसे बड़ी एयरलाइन बनी रही, जबकि एयर इंडिया ग्रुप दूसरे और अकासा एयर तीसरे स्थान पर रही।

रिपोर्ट के मुताबिक मई के मुकाबले इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 66.3 प्रतिशत हो गई। एयर इंडिया ग्रुप का बाजार हिस्सा 23.9 प्रतिशत रहा, जबकि अकासा एयर ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 6.4 प्रतिशत कर ली। स्पाइसजेट का बाजार हिस्सा 1.9 प्रतिशत दर्ज किया गया।

पहली छमाही में इंडिगो से सबसे अधिक 89.20 लाख यात्रियों ने यात्रा की। एयर इंडिया ग्रुप के साथ 32.22 लाख और अकासा एयर के साथ 8.61 लाख यात्रियों ने उड़ान भरी। स्पाइसजेट से 2.63 लाख यात्रियों ने सफर किया, जबकि अन्य यात्रियों ने स्टार एयर, फ्लाई91, अलायंस एयर और इंडिया वन एयर जैसी एयरलाइंस का उपयोग किया।

हालांकि जून 2026 की मासिक रिपोर्ट में घरेलू यात्रियों की संख्या में 1.3 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। जून 2025 में 136.04 लाख यात्रियों ने उड़ान भरी थी, जबकि इस वर्ष जून में यह संख्या 134.64 लाख रही।

सीट भरने के मामले में जून में अकासा एयर सबसे आगे रही। उसकी 92.2 प्रतिशत सीटें भरी रहीं। एयर इंडिया ग्रुप का लोड फैक्टर 85.5 प्रतिशत और इंडिगो का 85.1 प्रतिशत दर्ज किया गया। स्पाइसजेट के लोड फैक्टर में भी हल्का सुधार देखने को मिला।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जून में उड़ानों के रद्द होने की दर बढ़कर 0.63 प्रतिशत हो गई। तकनीकी खराबी सबसे बड़ा कारण रही, जबकि ऑपरेशनल दिक्कतें और खराब मौसम भी उड़ानों के प्रभावित होने की प्रमुख वजह बने।

यात्रियों की शिकायतों के मामले में जून के दौरान कुल 2,568 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें सामान की हैंडलिंग, उड़ानों में देरी और टिकट रिफंड से संबंधित रहीं। डीजीसीए के अनुसार सभी शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है।

समय पर उड़ान संचालन यानी ऑन टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में इंडिगो ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। जून में इंडिगो की 89.4 प्रतिशत उड़ानें समय पर रहीं। एयर इंडिया ग्रुप 85.9 प्रतिशत और अकासा एयर 82.7 प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

रिपोर्ट के अनुसार जून में उड़ानों में देरी का सबसे बड़ा कारण एक विमान की देरी का दूसरी उड़ानों पर पड़ने वाला प्रभाव रहा। वहीं बोर्डिंग से इंकार, उड़ान रद्द होने और दो घंटे से अधिक देरी के मामलों में एयरलाइंस को यात्रियों को करोड़ों रुपये का मुआवजा भी देना पड़ा।

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विशेष टिप्पणी

डीजीसीए की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय विमानन क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। हालांकि यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ एयरलाइंस के सामने समय पर उड़ान, बेहतर सेवा और शिकायतों में कमी लाने की चुनौती भी उतनी ही बड़ी है। आने वाले महीनों में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।

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